स्वच्छता पर नारे (Slogans)

1. अपने भारत से क्यो हो तुम खफा।
सफाई करके तो देखो एक दफा।।

2. बेचारा कहता है कूड़ादान
कचरा डालकर करो मेरा सम्मान।

3. बीमारी दौड़ी आएगी
जो साफ सफाई न पाएगी

4. जब कही भी न कचरा होगा
तब ही तंदरुस्ती पहरा होगा

5. एक बात का रखो ये ध्यान
स्वच्छता का हो अभियान

6. जब कचरा ही कचरा होगा
तब बैठना आपका कहाँ होगा

7. जब कोना कोना साफ रहेगा
तब सुंदर कितना शहर दिखेगा

रचनाकार – अमित चंद्रवंशी

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दोस्ती (कविता)

दोस्ती ही तो है जो जिंदगी के एक रंग में भी कई रंग दिखाती है।
वरना बिना दोस्तों के रंगीन जिंदगी भी बेरंग सी नजर आती है॥

सच्ची दोस्ती से बढ़कर इस दुनिया में कुछ कहाँ है।
एक भी दोस्त अगर सच्चा है तो अपना सारा जहाँ है॥

जो दोस्त साथ हो तो डर किस उड़ती चिड़िया का नाम है।
मस्त मस्ती में बस हर दम खिलखिलाने का तब काम है॥

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दहेज  (कविता)

​जबसे पैदा होती है बेटी, तो एक ही बात होती है जमाने में;
एक बाप लग जाता है तब से दिन रात कमाने में।
कि जैसे भी हो पर दहेज तो कैसे न कैसे जुटाना है;
और अपनी प्यारी बिटिया को उस दहेज से विदा कराना है।

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योग पर नारे (Slogans on Yoga)

​1.जो चाहते हो तुम रोगों से छुटकारा।
तो लो नियमित योग का सहारा॥

2.योग है स्वस्थ जीवन पहचान।
नियमित योग से रोग निदान ॥

3.जब भी मिले मौका कर लो योग।
फिर देखो कैसे भागे रोग॥

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हमारी धरती… (कविता)

​धरा वस्त्र थे ये पेड़, जल था आभूषण ।
कर दिया सब खत्म, लाकर ये प्रदूषण॥

धरती की सुंदरता, थी उसकी हरियाली।
छीनी नासमझों ने, पाने क्षणिक खुशहाली॥

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पर्यावरण पर नारे (Slogans on Environment)

​1.काटो पेड़ बहाओ पानी,
   मौत है फिर जरूर आनी।

2.कोई काम न आएगी दुआ,
   जो जल-पेड़ों का नाश हुआ।

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मैं उस कर्म की बात करूँगा… (मुक्तक)

न जात की बात करूँगा, न धर्म की बात करूँगा ।
न गर्व की बात करूँगा, न शर्म की बात करूँगा॥
इंसान होने का वो महान फर्ज बस तुम अदा कर दो,
ला दे जो दुनिया में खुशी, मैं उस कर्म की बात करूँगा ॥

कवि – अमित चन्द्रवंशी

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