हमारी धरती… (कविता)

​धरा वस्त्र थे ये पेड़, जल था आभूषण ।
कर दिया सब खत्म, लाकर ये प्रदूषण॥

धरती की सुंदरता, थी उसकी हरियाली।
छीनी नासमझों ने, पाने क्षणिक खुशहाली॥

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पर्यावरण पर नारे (Slogans on Environment)

​1.काटो पेड़ बहाओ पानी,
   मौत है फिर जरूर आनी।

2.कोई काम न आएगी दुआ,
   जो जल-पेड़ों का नाश हुआ।

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मैं उस कर्म की बात करूँगा… (मुक्तक)

न जात की बात करूँगा, न धर्म की बात करूँगा ।
न गर्व की बात करूँगा, न शर्म की बात करूँगा॥
इंसान होने का वो महान फर्ज बस तुम अदा कर दो,
ला दे जो दुनिया में खुशी, मैं उस कर्म की बात करूँगा ॥

कवि – अमित चन्द्रवंशी

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बाल विवाह पर नारे (Slogans on Child marriage)

1.​बच्चों को पढ़ाने की लो राह, बंद करो ये बाल विवाह।

Slogans on Child marriage(Bal vivah) 2.पढ़ने खेलने की उम्र है, बाल विवाह जुर्म है।

Slogans on Child marriage(Bal vivah) 3.क्यों दी बच्चों को सजा, बाल विवाह से लो बचा।

Slogans on Child marriage(Bal vivah)

रचनाकार – अमित चन्द्रवंशी

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नवोदय चालीसा

॥श्री गणेशाय नमः॥

दोहे:

सपना था राजीव का, बने एक संस्थान।
प्रतिभावान छात्रजन, पायें जिसमें ज्ञान॥1॥
शिक्षा पायें यहाँ पर, गुणी बालक गरीब।
बच्चें रक्षा कर सकें, बन भारत की नींव ॥2॥

चौपाई :

हर बच्चा शिक्षित जब होगा।
भारत विकसित तब ही होगा॥1॥
भारत तब नवोदय करेगा ।
जब हर ईक बच्चा पढ़ेगा ॥2॥

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दहेज प्रथा पर नारे ( Slogans on Dowry System)

​1.जब तक रहेगी दहेज प्रथा, बेटी रहेगी दुखी सदा।

2.बेटी कोई वस्तु नहीं, दहेज से जो बिक रही।

3.शादी तो एक बहाना है, दहेज लेकर आना है।

4.अनमोल से भी अनमोल है बेटी, फिर उसे दहेज से क्यों बेची।

5.दहेज प्रथा ने जुल्म किया, बेटी को बोझ बना दिया।

रचनाकार – अमित चन्द्रवंशी

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वानर जाति भी हुई महान…

हनुमानजी के जीवन से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है, पर कुछ इतनी विशेष बातें हमें सीखने को मिलती हैं।जो हमें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं और हमारे आत्मविश्वास को सदैव बनाए रखती हैं । 
हनुमानजी ने वानर रूप में जन्म लिया था और उस वानर को नीच जाति का प्राणी माना गया है जैसा तुलसीदास जी ने भी एक चौपाई के द्वारा बताया है कि-

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