Tag Archive | Hindi Kavita

दोस्ती (कविता)

दोस्ती ही तो है जो जिंदगी के एक रंग में भी कई रंग दिखाती है।
वरना बिना दोस्तों के रंगीन जिंदगी भी बेरंग सी नजर आती है॥

सच्ची दोस्ती से बढ़कर इस दुनिया में कुछ कहाँ है।
एक भी दोस्त अगर सच्चा है तो अपना सारा जहाँ है॥

जो दोस्त साथ हो तो डर किस उड़ती चिड़िया का नाम है।
मस्त मस्ती में बस हर दम खिलखिलाने का तब काम है॥

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दहेज  (कविता)

​जबसे पैदा होती है बेटी, तो एक ही बात होती है जमाने में;
एक बाप लग जाता है तब से दिन रात कमाने में।
कि जैसे भी हो पर दहेज तो कैसे न कैसे जुटाना है;
और अपनी प्यारी बिटिया को उस दहेज से विदा कराना है।

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हमारी धरती… (कविता)

​धरा वस्त्र थे ये पेड़, जल था आभूषण ।
कर दिया सब खत्म, लाकर ये प्रदूषण॥

धरती की सुंदरता, थी उसकी हरियाली।
छीनी नासमझों ने, पाने क्षणिक खुशहाली॥

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होली कविता (अमित आज तू लोगों को. ..)

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अमित आज तू लोगों को , रंग कैसे लगा पायेगा।
जो रंग तू लेकर आयेगा , वही लेकर लौट जायेगा ॥

अपने सच्चे हितैषियों को , रंग तू कैसे लगायेगा ।
लम्बे अरसे से जो न मिला, अब उनसे नजर कैसे मिलायेगा॥
तू उनके चेहरे की वजह, अपना चेहरा गुलाबी पायेगा ॥1॥

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