Tag Archive | nayi kavita

दोस्ती (कविता)

दोस्ती ही तो है जो जिंदगी के एक रंग में भी कई रंग दिखाती है।
वरना बिना दोस्तों के रंगीन जिंदगी भी बेरंग सी नजर आती है॥

सच्ची दोस्ती से बढ़कर इस दुनिया में कुछ कहाँ है।
एक भी दोस्त अगर सच्चा है तो अपना सारा जहाँ है॥

जो दोस्त साथ हो तो डर किस उड़ती चिड़िया का नाम है।
मस्त मस्ती में बस हर दम खिलखिलाने का तब काम है॥

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वो नाराज है मुझसे…

आज न जाने कितने बरसों के बाद,
कुछ लिखने का ख्याल आया अकस्मात।
तब मेरे कदम गए उस मेज की ओर,
जहाँ रचनाओं की नित होती थी भोर।
पर जब गया मैं उस मेज पर,
तब वो मेज बोली बड़ी चिढ़कर।
हम रोज तिल तिल कर अपमानित होते रहे हैं,
और तुम्हारी उपेक्षा भरी निगाहों से खोते रहे हैं।
एक बार तो कम से कम हाल पूछ लेते हमारा,
न रोज न महीने में बस एक साल में सारा।

तब लगा मेरे दिल को कि वो नाराज है मुझसे।
इतना कि अब तो बात नहीं हो सकती उससे॥

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आजकल के बच्चे(कविता)

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आजकल के बच्चों को नहीं चाहिए खिलौने।
हो गए हैं वो आजकल बहुत ज्यादा ही सयाने॥

वो बात हुई पुरानी जो बच्चों की जिद थी अनूठी।
अब तो ऐसी-ऐसी जिदे हैं जो न हो सके झूठी॥

पहले कहता था बच्चा चाँद मुझे ला दो।
अब कहता है मुझे iPhone 7 दिला दो॥

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