Tag Archive | Slogans/Nare

योग पर नारे (Slogans on Yoga)

​1.जो चाहते हो तुम रोगों से छुटकारा।
तो लो नियमित योग का सहारा॥

2.योग है स्वस्थ जीवन पहचान।
नियमित योग से रोग निदान ॥

3.जब भी मिले मौका कर लो योग।
फिर देखो कैसे भागे रोग॥

4.जिंदगी न बीतेगी रोग संग।
जो रहा तुम्हारा योग संग॥

5.जब आपके पास है योग।
तो क्यों आएगा फिर रोग॥

6.मन स्वच्छ निरोगी काया।
जो योग नियमित अपनाया॥

7.जो कर लिया तुमने योग।
तो सकोगे सब सुख भोग॥

8.सब भोग सकोगे सब रोग भगेंगे।
जब तक हम नित योग करेंगे॥

9.जब तू जागे कर ले योग।
न देख वक्त न देख लोग॥

10.न खर्चे का डर न वक्त का फेर।
तो योग करने में न कर तू देर॥

11.योग करेंगे निरोग, तो करो नित योग।

रचनाकार – अमित चन्द्रवंशी

पर्यावरण पर नारे (Slogans on Environment)

​1.काटो पेड़ बहाओ पानी,
   मौत है फिर जरूर आनी।

2.कोई काम न आएगी दुआ,
   जो जल-पेड़ों का नाश हुआ।

3.अगर भविष्य सुनिश्चित करना है,
    तो पेड़ों का जरूरी लगना है।

4.करो सुरक्षित पर्यावरण,
   नहीं तो निश्चित है मरण।

5.जो पेड़ काटते जायेंगे,
   तो जी हम कैसे पायेंगे।

6.पेड़ों को तुम्हें बचाना है,
   यही तो धरा खजाना है।

7.धरती है तब तक सुंदर,
    पेड़-पानी है जब तक भू पर।

8.मौसम है पल पल में बदले,
   पृथ्वी ले रही आप से बदले।

9.जब सब कुछ ही होगा प्रदूषित,
   तब रहेंगे कैसे धरती पर जीवित।

10.तब ही सुरक्षित पीढ़ी है,
     जब तक पेड़ों की सीढ़ी है।

11.बंद हों अब अत्याचार,
     हरा भरा करो संसार ।

12.अब तो थम जा तू तो जरा,
      नहीं तो मिट जाएगी ये धरा।

13.सीमित थे प्रकृति के संसाधन,
      वो हुए खत्म तो कैसे निर्वाहन।

14. भविष्य है खतरे में पड़ा,
      जब तक है प्रदूषण खड़ा।

15.आज नहीं तो कल मरा,
      जो सूख गई ये यदि धरा।

द्वारा – अमित चन्द्रवंशी

बाल विवाह पर नारे (Slogans on Child marriage)

1.​बच्चों को पढ़ाने की लो राह, बंद करो ये बाल विवाह।

Slogans on Child marriage(Bal vivah) 2.पढ़ने खेलने की उम्र है, बाल विवाह जुर्म है।

Slogans on Child marriage(Bal vivah) 3.क्यों दी बच्चों को सजा, बाल विवाह से लो बचा।

Slogans on Child marriage(Bal vivah)

रचनाकार – अमित चन्द्रवंशी

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दहेज प्रथा पर नारे ( Slogans on Dowry System)

​1.जब तक रहेगी दहेज प्रथा, बेटी रहेगी दुखी सदा।

2.बेटी कोई वस्तु नहीं, दहेज से जो बिक रही।

3.शादी तो एक बहाना है, दहेज लेकर आना है।

4.अनमोल से भी अनमोल है बेटी, फिर उसे दहेज से क्यों बेची।

5.दहेज प्रथा ने जुल्म किया, बेटी को बोझ बना दिया।

रचनाकार – अमित चन्द्रवंशी

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