Tag Archive | pollution

हमारी धरती… (कविता)

​धरा वस्त्र थे ये पेड़, जल था आभूषण ।
कर दिया सब खत्म, लाकर ये प्रदूषण॥

धरती की सुंदरता, थी उसकी हरियाली।
छीनी नासमझों ने, पाने क्षणिक खुशहाली॥

Continue reading

Advertisements

पर्यावरण पर नारे (Slogans on Environment)

​1.काटो पेड़ बहाओ पानी,
   मौत है फिर जरूर आनी।

2.कोई काम न आएगी दुआ,
   जो जल-पेड़ों का नाश हुआ।

Continue reading

बिन मौसम मौसमों का मजा लीजिए(मुक्तक)

मुक्तक :
image

बिन मौसम मौसमों का मजा लीजिए,
और यूँ ही प्रदुषण में बढोतरी कीजिए।
वो दिन दूर नहीं जब खाने पीने को कुछ न होगा,
बस मौत से पहले ही दफन होने की अपनी मंजूरी दीजिए॥
रचयिताअमित चन्द्रवंशी

यह भी पढ़े :
हनुमानजी की पूँछ में आग क्यों नहीं लगी?

दहेज प्रथा की वास्तविकता(Reality of Dowry System)

नव वर्ष संदेश

बेचारा रावण(कुण्डलिया)

आजकल के बच्चे(Modern poem)