बिन मौसम मौसमों का मजा लीजिए(मुक्तक)

मुक्तक :
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बिन मौसम मौसमों का मजा लीजिए,
और यूँ ही प्रदुषण में बढोतरी कीजिए।
वो दिन दूर नहीं जब खाने पीने को कुछ न होगा,
बस मौत से पहले ही दफन होने की अपनी मंजूरी दीजिए॥
रचयिताअमित चन्द्रवंशी

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4 thoughts on “बिन मौसम मौसमों का मजा लीजिए(मुक्तक)

  1. अमित जी आपने बहुत ही सत्य बात बोली है आने वाले समय में यदि वातावरण का ख़याल नहीं रखा गया तो बिन मौसम ही मौसम का मजा मिलेगा आप अपनी ऐसी ही सुन्दर मुक्तकों को शब्दनगरी पर भी प्रकाशित कर सकते हैं वहां पर भी
    बेटी बचाएँ , बेटी पढ़ाये जैसी रचनाएं उपलब्ध हैं जिससे वह और भी पाठकों तक पहुंच सके ………

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    • बहुत-बहुत धन्यवाद प्रतीक जी।
      मैं कोशिश करूँगा कि शब्दनगरी में भी अपने लेख प्रकाशित कर सकूँ और अपना सहयोग प्रदान करूँ ।
      एक बार पुनः आपके अनमोल सुझाव व comment के लिए धन्यवाद।

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